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Samastipur News: स्कूल में साइबर सुरक्षा की पाठशाला, पुलिस ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए तरीके

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | हरपुर एलौथ स्कूल में साइबर जागरूकता अभियान चलाकर पुलिस ने विद्यार्थियों और कर्मियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी सोशल मीडिया आईडी, निवेश और डिजिटल फ्रॉड से बचाव के तरीके बताए।

समस्तीपुर, 29 सितंबर आलम की खबर: बदलते डिजिटल दौर में मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल जितना आसान हुआ है, ऑनलाइन ठगी के तरीके भी उतने ही तेजी से बदल रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए समस्तीपुर साइबर थाना की टीम ने मंगलवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय, हरपुर एलौथ में साइबर जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों और कर्मियों को अलग-अलग तरह के साइबर अपराधों की पहचान और उनसे बचने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और साइबर अपराध के पुलिस उपाधीक्षक की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम में साइबर थाना की टीम ने विद्यार्थियों को समझाया कि सोशल मीडिया पर आने वाला हर संदेश, लिंक, कॉल या ऑफर भरोसेमंद नहीं होता। साइबर अपराधी लोगों को डर, लालच और जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए मजबूर कर ठगी का शिकार बनाने की कोशिश करते हैं।

सोशल मीडिया पर सावधानी जरूरी

जागरूकता कार्यक्रम में फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाले साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि अनजान लोगों से आने वाले संदेश, संदिग्ध लिंक और अचानक भेजे गए दस्तावेज या एप्लीकेशन को बिना जांचे खोलना नुकसानदायक हो सकता है।

फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी करने के तरीकों पर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। कई बार साइबर अपराधी परिचित या दोस्त के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाते हैं और उसके जरिए पैसे की मांग करते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी भुगतान से पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर पुष्टि करने की सलाह दी गई।

अनचाही वीडियो कॉल से रहें सतर्क

पुलिस टीम ने व्हाट्सऐप, मैसेंजर और दूसरे सोशल मीडिया ऐप पर आने वाली अनचाही वीडियो कॉल को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा। अनजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल को स्वीकार करने से पहले सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधि होने पर बातचीत आगे नहीं बढ़ाने की जानकारी दी गई।

ऑनलाइन खरीदारी में भी ठगी से बचने की सलाह

ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर होने वाले साइबर फ्रॉड को लेकर भी जागरूक किया गया। Amazon, Flipkart, Myntra और Meesho जैसे ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के नाम का गलत इस्तेमाल कर साइबर अपराधी ग्राहकों को फर्जी ऑफर, नकली ग्राहक सेवा नंबर या संदिग्ध लिंक के जरिए निशाना बना सकते हैं।

पुलिस ने विद्यार्थियों और विद्यालय कर्मियों को सलाह दी कि किसी भी ऑनलाइन खरीदारी या शिकायत के दौरान केवल आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करें और किसी अनजान व्यक्ति को बैंकिंग या निजी जानकारी साझा न करें।

निवेश और नौकरी के नाम पर भी हो रही ठगी

साइबर जागरूकता कार्यक्रम में निवेश के नाम पर होने वाले फ्रॉड की जानकारी भी दी गई। कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं में फंसाने के तरीकों से सावधान किया गया।

इसी तरह नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोहों से भी सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने कहा कि नौकरी के नाम पर अचानक पैसे जमा करने, बैंक संबंधी जानकारी देने या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले पूरी तरह जांच जरूरी है।

OLX और सोशल मीडिया पर खरीद-बिक्री में सावधानी

पुराने सामान की खरीद-बिक्री के लिए इस्तेमाल होने वाले OLX और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर होने वाले फ्रॉड को लेकर भी जानकारी दी गई। साइबर अपराधी कई बार सामान खरीदने या बेचने के बहाने लोगों से संपर्क कर फर्जी भुगतान लिंक भेजते हैं या अलग-अलग बहानों से बैंक खाते से जुड़ी जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं।

पुलिस ने विद्यार्थियों और कर्मियों को ऐसे मामलों में जल्दबाजी से बचने तथा किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर नहीं करने की सलाह दी।

ATM और AEPS फ्रॉड से बचाव पर भी जोर

जागरूकता अभियान के दौरान ATM से संबंधित साइबर ठगी और आधार आधारित भुगतान प्रणाली यानी AEPS के जरिए होने वाले फ्रॉड के बारे में भी बताया गया। पुलिस ने बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पिन और अन्य गोपनीय विवरण किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी।

मोबाइल खोने पर CEIR पोर्टल की जानकारी

कार्यक्रम में मोबाइल फोन खो जाने के बाद CEIR पोर्टल के माध्यम से उसके संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने बताया कि मोबाइल फोन में व्यक्तिगत, बैंकिंग और सोशल मीडिया से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मौजूद रहती है। इसलिए फोन खोने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाना जरूरी है।

साइबर फ्रॉड होते ही 1930 पर करें शिकायत

समस्तीपुर पुलिस ने लोगों से अपील की कि साइबर अपराधी आमतौर पर भय या लालच का फायदा उठाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। किसी अनजान व्यक्ति के दबाव में आकर पैसे भेजने या गोपनीय जानकारी साझा करने के बजाय पहले मामले की पुष्टि करनी चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई। इसके साथ ही National Cyber Crime Reporting Portal के माध्यम से भी शिकायत की जा सकती है।

स्कूल स्तर पर जागरूकता को माना गया महत्वपूर्ण कदम

साइबर अपराध के बढ़ते तरीकों के बीच स्कूलों में विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा की जानकारी देना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बच्चे और युवा मोबाइल, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का लगातार इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में उन्हें संदिग्ध लिंक, फर्जी प्रोफाइल, ऑनलाइन ऑफर, निवेश और डिजिटल भुगतान से जुड़े जोखिमों की जानकारी मिलने से वे खुद भी सतर्क रह सकते हैं और परिवार के अन्य सदस्यों को भी जागरूक कर सकते हैं।

हरपुर एलौथ में आयोजित इस अभियान के दौरान साइबर थाना की टीम ने अलग-अलग साइबर अपराध के तरीकों को समझाते हुए उनके बचाव के उपाय बताए और लोगों से डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतने की अपील की।

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